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यह व्हाट्सएप से कॉपी किया है और इसको हमने अभी प्रयोग नहीं किया है।
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🙏🏻 *Jai Shree Balaji* 🙏🏻
🌼🌼🌼🌼🌼🌼
🌼 *वात रोग क्या है*🌼
🌼 *(vaat rog ?)* 🌼
🌼🌼🌼🌼🌼🌼
*आयुर्वेद के प्राचीन ग्रंथो के अनुसार किसी मनुष्य में होने वाले सभी रोगों का प्रमुख्य कारण वात, पित्त और कफ होता है जिसमे सबसे मुख्य और बड़ा कारण वात को माना गया है!*
♻♻♻♻♻♻♻♻♻♻♻
♻ *वात या वायु विकार को निम्न भागो ♻♻में बांटा गया है ->* ♻
♻ *1.उदान वायु-* उदान वायु कंठ में वास♻
♻ करती है,जैसे डकार आना ! ♻
♻ *2.अपान वायु -* बड़ी आंत से मलाशय♻♻ तक! ♻
♻ *3.प्राण वायु-*प्राण ह्रदय के ऊपरी भाग♻ ♻ में ! ♻
♻ *4.व्यान वायु -* पूरे शरीर में फैली है ! ♻
♻ *5.समान वायु -* समान वायु का स्थान ♻♻ अमाशय और बड़ी आंत में होता है ! ♻
♻♻♻♻♻♻♻♻♻♻♻
*वात या वायु विकार किस प्रकार का है यह यदि योग्य चिकित्सक हो तो इसकी पहचान कर सही तरीके से इसका इलाज कर इस रोग से आपको मुक्ति दे सकता है एलोपैथी में इसकी पूर्ण चिकित्सा सम्भव नहीं है इसका पूर्ण इलाज केवल आयुर्वेद में ही सम्भव है!*
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*वात रोग की पहचान और लक्षण*
*(identification and symptoms)*
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वात रोग या वायु विकार हो जाने पर मॉस पेशियों में खिचाव, दर्द, रीढ़ की हड्डी में दर्द होना सर में दर्द, मायग्रेन, गर्दन में दर्द, घुटनों में दर्द, हड्डियों में दर्द, जोड़ो में दर्द, छाती के बीच में दर्द, जोड़ो का फूलना, पेट का फूलना, मूत्र रोग जैसे पेशाब में जलन यूरिक एसिड का बढ़ जाना, डकारे ज्यादा आना, त्वचा का रूखा होना, वार वार मुंह का सूखना, प्यास अधिक लगना इत्यादि वात या वायु विकार के मुख्य लक्षण है|
🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹
*वात रोग होने के कारण*
*(reasons of Vat rog)*
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वात रोग होने का मुख्य कारण गरिठ भोजन (oily or junk food), दूषित भोजन जैसे रात का रखा हुआ, ठीक से न पका होना, सफाई से न पकाना इत्यादि ,खाना खाने के तुरंत बाद पानी पीना, ठंडा पानी पीना, दूषित पानी पीना, व्यायाम ना करना, देर तक सोना, मदिरा या शराब का सेवन करना, मांस खाना इत्यादि वायु विकार होने के मुख्य कारण है |
🌳🌳🌳🌳🌳🌳🌳🌳🌳🌳🌳
*कैसे पाये इस रोग से मुक्ति*
*(how cure vaat rog)*
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* प्रतिदिन सुबह योग और व्यायाम की आदत डाले!
* रोज सुबह खाली पेट ग्वार का पाठा(alovera) का रस पीये!
* सुबह खाली पेट नीम गिलोय का रस पीये!
* आंवला चूर्ण नित्य सुबह उठ कर एक चम्मच खाली पेट ले!
* लहसुन को सूखा कर उसका चूर्ण बना ले हफ्ते में तीन दिन उसका सेवन करें!
* गुडहल के फूल का चूर्ण बना कर उसकी चाय बना कर पीने से वात, पित्त और कफ दोनों सामान्य हो जाते है!
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🌼 *वात रोग क्या है*🌼
🌼 *(vaat rog ?)* 🌼
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*आयुर्वेद के प्राचीन ग्रंथो के अनुसार किसी मनुष्य में होने वाले सभी रोगों का प्रमुख्य कारण वात, पित्त और कफ होता है जिसमे सबसे मुख्य और बड़ा कारण वात को माना गया है!*
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♻ *वात या वायु विकार को निम्न भागो ♻♻में बांटा गया है ->* ♻
♻ *1.उदान वायु-* उदान वायु कंठ में वास♻
♻ करती है,जैसे डकार आना ! ♻
♻ *2.अपान वायु -* बड़ी आंत से मलाशय♻♻ तक! ♻
♻ *3.प्राण वायु-*प्राण ह्रदय के ऊपरी भाग♻ ♻ में ! ♻
♻ *4.व्यान वायु -* पूरे शरीर में फैली है ! ♻
♻ *5.समान वायु -* समान वायु का स्थान ♻♻ अमाशय और बड़ी आंत में होता है ! ♻
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*वात रोग की पहचान और लक्षण*
*(identification and symptoms)*
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वात रोग या वायु विकार हो जाने पर मॉस पेशियों में खिचाव, दर्द, रीढ़ की हड्डी में दर्द होना सर में दर्द, मायग्रेन, गर्दन में दर्द, घुटनों में दर्द, हड्डियों में दर्द, जोड़ो में दर्द, छाती के बीच में दर्द, जोड़ो का फूलना, पेट का फूलना, मूत्र रोग जैसे पेशाब में जलन यूरिक एसिड का बढ़ जाना, डकारे ज्यादा आना, त्वचा का रूखा होना, वार वार मुंह का सूखना, प्यास अधिक लगना इत्यादि वात या वायु विकार के मुख्य लक्षण है|
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*वात रोग होने के कारण*
*(reasons of Vat rog)*
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वात रोग होने का मुख्य कारण गरिठ भोजन (oily or junk food), दूषित भोजन जैसे रात का रखा हुआ, ठीक से न पका होना, सफाई से न पकाना इत्यादि ,खाना खाने के तुरंत बाद पानी पीना, ठंडा पानी पीना, दूषित पानी पीना, व्यायाम ना करना, देर तक सोना, मदिरा या शराब का सेवन करना, मांस खाना इत्यादि वायु विकार होने के मुख्य कारण है |
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*कैसे पाये इस रोग से मुक्ति*
*(how cure vaat rog)*
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* प्रतिदिन सुबह योग और व्यायाम की आदत डाले!
* रोज सुबह खाली पेट ग्वार का पाठा(alovera) का रस पीये!
* सुबह खाली पेट नीम गिलोय का रस पीये!
* आंवला चूर्ण नित्य सुबह उठ कर एक चम्मच खाली पेट ले!
* लहसुन को सूखा कर उसका चूर्ण बना ले हफ्ते में तीन दिन उसका सेवन करें!
* गुडहल के फूल का चूर्ण बना कर उसकी चाय बना कर पीने से वात, पित्त और कफ दोनों सामान्य हो जाते है!
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